भाजपा नेता ने अपने ही सरकार के फैसले का किया विरोध।
भाजपा नेता ने अपने ही सरकार के फैसले का किया विरोध।


भाजपा नेता ने अपने ही सरकार के फैसले का किया विरोध।
जल्द से जल्द इस नियम को वापस लेने या उच्च शैक्षणिक संस्थानों को वर्गीकृत करने का किया मांग।
बिहार भाजपा प्रदेश कार्य समित सदस्य प्रवीण कुमार सिंह ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि महाविद्यालय अनुदान आयोग(UGC) द्वारा उच्च शैक्षणिक संस्थानों पर लागु किया गया नया नियम सामान्य वर्ग के छात्र एवं छात्राओं पर थोपा गया काला कानुन है।
ऐसे भय के माहौल में कोई छात्र/छात्राएं स्वतंत्र होकर अध्ययन नहीं कर सकते है. इससे देश की प्रतिभा भी प्रभावित होगी।
सरकार को लगता है कि केवल सामान्य वर्ग के छात्र एवं छात्राएं ही किसी अन्य वर्गों के छात्रों को ह्रास्मेंट करते हैं तो उन वर्ग के छात्रों के लिए अलग से शैक्षणिक संस्थान का निर्माण कर उसी वर्ग के अध्यापकों की नियुक्ति कर दें या मौजुदा शैक्षणिक संस्थानों को ही वर्गीकृत कर दें ताकि सामान्य वर्ग के छात्र/छात्राएं भी स्वतंत्र एवं भयमुक्त वातावरण में अपना अध्ययन कार्य कर सकें।
मैं सामान्य वर्ग के छात्र एवं छात्राओं पर थोपा गया काला कानून का विरोध करता हूं।
यह हिन्दु के एकता के अवधारणा के भी विरुद्ध है। मैं केन्द्र सरकार से मांग करता हुं कि जल्द से जल्द इस नियम को वापस ले या उच्च शैक्षणिक संस्थानों को वर्गीकृत करें।




